CBSE में बड़ा बदलाव: कक्षा 6 से 10वीं तक 3 भाषाएं अनिवार्य, जानें कब लागू होगी नई शिक्षा नीति
- bypari rathore
- 03 April, 2026
CBSE में बड़ा बदलाव: कक्षा 6 से 10वीं तक तीन भाषाएं पढ़ना हो सकता है अनिवार्य
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 2026-27 सत्र के लिए जारी किए गए नए सेकेंडरी स्कूल करिकुलम में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की गई है, जिनका असर सीधे कक्षा 6 से 10वीं तक के छात्रों पर पड़ेगा।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में CBSE चेयरमैन राहुल सिंह ने नए करिकुलम को पेश किया। इस दौरान सबसे बड़ा फोकस भाषा शिक्षा पर रहा। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, अब छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना जरूरी हो सकता है। यह कदम नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी बनाना और उनकी सीखने की क्षमता को मजबूत करना है।
नई व्यवस्था में छात्रों को क्षेत्रीय भाषा, हिंदी और अंग्रेजी में से तीन भाषाओं का चयन करना होगा। इससे न केवल भाषाई ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि देश की विविध संस्कृति को समझने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, इस नए नियम को पूरी तरह लागू करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाएगी। माना जा रहा है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इसे धीरे-धीरे लागू किया जा सकता है। स्कूलों को भी इस बदलाव के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके साथ चुनौतियां भी होंगी, जैसे अतिरिक्त विषयों का दबाव और संसाधनों की उपलब्धता। इसलिए इसे लागू करते समय संतुलन बनाना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, CBSE का यह नया कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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