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राजस्थान में Green Tax फंड पर NGT सख्त, ₹2,283 करोड़ के इस्तेमाल पर उठे सवाल

राजस्थान में Green Tax फंड पर NGT सख्त, ₹2,283 करोड़ के इस्तेमाल पर उठे सवाल

राजस्थान में Green Tax फंड के इस्तेमाल पर NGT सख्त, कहा- 'हैरान करने वाला और चौंकाने वाला'

जयपुर: राजस्थान में Green Tax से जुटाई गई राशि के कथित तौर पर निर्धारित उद्देश्यों से अलग इस्तेमाल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राज्य सरकार पर कड़ी टिप्पणी की है। NGT ने Green Tax से मिलने वाले फंड को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े निर्धारित कार्यों में ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।

ट्रिब्यूनल ने जयपुर में वायु प्रदूषण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान Rajasthan Transport Infrastructure Development Fund (RTIDF) में Green Tax की राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। NGT ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार को फंड के इस्तेमाल में स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है।

Green Tax फंड को लेकर क्या है मामला?

राजस्थान में वाहनों पर Green Tax लगाने का प्रावधान Rajasthan Motor Vehicles Taxation Act, 1951 की धारा 4-D में है। कानून के अनुसार Green Tax लगाने का उद्देश्य विभिन्न ऐसे उपायों को लागू करना है, जिनसे वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

लेकिन NGT के समक्ष रखी गई जानकारी में आरोप लगाया गया कि Green Tax से प्राप्त राशि को ऐसे कार्यों में भी लगाया गया, जिनका सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण से संबंध नहीं है।

NGT के सामने पेश संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार पिछले करीब 10 वर्षों में राजस्थान के परिवहन विभाग को Green Tax के रूप में लगभग ₹2,283.97 करोड़ प्राप्त हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि इस राशि का कुछ हिस्सा नगर निगमों की बस सेवाओं के संचालन और घाटे की भरपाई, Jaipur City Transport and Services Ltd. (JCTSL) तथा कर्मचारियों और ठेकेदारों के बकाया भुगतान जैसे मदों में इस्तेमाल किया गया।

NGT ने इस्तेमाल को बताया गंभीर मामला

ट्रिब्यूनल ने कहा कि RTIDF से संबंधित 2012 की अधिसूचना में फंड के इस्तेमाल के लिए निर्धारित गतिविधियां स्पष्ट हैं। NGT के आदेश में यह बात सामने आई कि Green Tax से जुड़े फंड का उपयोग कुछ ऐसे खर्चों में किया गया, जिन्हें निर्धारित नियमों के तहत अनुमति नहीं है।

इसी संदर्भ में NGT ने राज्य सरकार द्वारा फंड के कथित इस्तेमाल को “surprising and shocking” यानी “हैरान करने वाला और चौंकाने वाला” बताया।

Green Tax का पैसा कहां खर्च किया जाना चाहिए?

Green Tax का मूल उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण सुधार से जुड़े उपायों को वित्तीय सहायता देना है। इसमें वायु गुणवत्ता सुधार, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और संबंधित बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हो सकते हैं।

NGT ने अब राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि Green Tax से मिलने वाली राशि को RTIDF Rules, 2012 के तहत अनुमत उद्देश्यों के अनुसार ही खर्च किया जाए।

Green Tax और RTIDF को समझना जरूरी

मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि Green Tax की राशि को अलग-अलग खाते में स्वतंत्र रूप से ट्रैक करने के बजाय अन्य मदों के साथ RTIDF में जमा किया जाता है।

NGT के समक्ष उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार Green Tax, one-time tax और संबंधित surcharges को एक साझा फंड में जमा किया जाता है। ऐसे में किसी विशेष खर्च में सिर्फ Green Tax की राशि कितनी लगी, इसका अलग-अलग हिसाब स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने की बात भी रिकॉर्ड में सामने आई।

यही वजह है कि इस मामले में फंड की पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।

जयपुर की एयर क्वालिटी पर भी NGT का फोकस

मामला केवल फंड के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। NGT ने जयपुर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार को कई कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।

ट्रिब्यूनल ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण सहित जयपुर की एयर क्वालिटी और प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर विचार किया। Green Tax से जुटाई गई राशि का उद्देश्य भी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ा होने के कारण फंड के सही इस्तेमाल को पर्यावरणीय सुधार से सीधे जोड़ा गया है।

सरकार के सामने अब क्या चुनौती?

NGT की टिप्पणी के बाद राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती Green Tax से जुड़े फंड के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि Green Tax से प्राप्त राशि किस मद में खर्च हुई और क्या वह खर्च संबंधित नियमों के अनुरूप था। साथ ही भविष्य में Green Tax का पैसा पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े निर्धारित कार्यों में ही इस्तेमाल हो, इसकी निगरानी व्यवस्था मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा।

पर्यावरण के नाम पर लिया गया टैक्स, तो खर्च भी पर्यावरण पर?

Green Tax को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वाहन मालिकों से यह अतिरिक्त टैक्स पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से लिया जा रहा है, तो उसकी राशि का इस्तेमाल भी उसी उद्देश्य को पूरा करने में होना चाहिए।

NGT की सख्त टिप्पणी इसी बिंदु को रेखांकित करती है। मामला राजस्थान में पर्यावरणीय फंड के प्रबंधन, सरकारी खर्च की पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल से जुड़ा है।

निष्कर्ष

राजस्थान में Green Tax फंड के कथित इस्तेमाल को लेकर NGT की सख्ती ने सरकार की वित्तीय और पर्यावरणीय जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। संयुक्त समिति की रिपोर्ट में पिछले 10 वर्षों में करीब ₹2,283.97 करोड़ Green Tax संग्रह का उल्लेख है। NGT ने कहा है कि Green Tax से मिलने वाली राशि को निर्धारित पर्यावरणीय उद्देश्यों और RTIDF Rules, 2012 के अनुरूप ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि राजस्थान सरकार NGT के निर्देशों के बाद Green Tax फंड के इस्तेमाल और निगरानी को लेकर क्या कदम उठाती है।

NGT took cognizance of the High Court's guidelines

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