कढ़ाईदार ऊनी कुर्ता सेट: जब सर्दियों की गर्माहट से मिलती है शाश्वत भारतीय शान
- byAman Prajapat
- 07 January, 2026
सर्दी का मौसम अपने साथ सिर्फ ठंड नहीं लाता, वो यादें लाता है। धूप में बैठकर चाय पीने की, अलाव के पास कहानियाँ सुनने की, और सबसे ज़रूरी—ऐसे कपड़े पहनने की जो शरीर ही नहीं, रूह को भी गर्म रखें। इन्हीं एहसासों के बीच कढ़ाईदार ऊनी कुर्ता सेट एक बार फिर भारतीय फैशन के मंच पर शान से खड़ा है।
यह कोई नया ट्रेंड नहीं है। यह तो वही पुरानी परंपरा है, जिसे हमारी दादियाँ जानती थीं, कारीगर जीते थे, और जो समय की धूल में दब गई थी। अब, Gen Z के दौर में, यह फिर लौट आई है—थोड़ा बदली हुई, लेकिन अपनी आत्मा में उतनी ही शुद्ध।
🪡 ऊन और कढ़ाई: हुनर की जुगलबंदी
ऊनी कपड़े सदियों से पहाड़ी और ठंडे इलाकों की पहचान रहे हैं। कश्मीर की पश्मीना पर की गई सोने-चांदी की कढ़ाई हो या हिमाचल की सादी लेकिन मजबूत ऊनी बुनाई—हर धागे में मौसम से लड़ने की ताकत छुपी होती है। जब इन ऊनी कपड़ों पर हाथ की कढ़ाई होती है, तो वो सिर्फ परिधान नहीं रहता, वो एक कहानी बन जाता है।
👑 शाही दौर से आम घरों तक
कढ़ाईदार ऊनी कुर्ते कभी सिर्फ राजघरानों तक सीमित थे। मुगल काल में शाही दरबारों में इन्हें पहनना रुतबे की निशानी माना जाता था। भारी कढ़ाई, गहरे रंग, और महीन ऊन—ये सब सत्ता और सौंदर्य का प्रतीक थे। वक्त बदला, लेकिन हुनर बचा रहा। आज वही शाही एहसास आम लोगों की अलमारी तक पहुंच चुका है।
🌿 आधुनिक फैशन में पारंपरिक आत्मा
आज का ऊनी कुर्ता सेट सिर्फ भारी और भरा-भरा नहीं होता। डिज़ाइनर्स ने इसे हल्का, आरामदायक और रोज़मर्रा के लिए भी उपयुक्त बना दिया है। सीधी कटिंग, पेस्टल रंग, मिनिमल कढ़ाई—सब कुछ उन लोगों के लिए जो सादगी में शान ढूंढते हैं।
👩🦰 महिलाओं के लिए: नज़ाकत और नर्मी
महिलाओं के कढ़ाईदार ऊनी कुर्ता सेट सर्दियों में किसी वरदान से कम नहीं। फ्लोरल कढ़ाई, चिकनकारी टच, और मुलायम ऊन—ये सब मिलकर ऐसा लुक बनाते हैं जो न ज़्यादा भारी है, न ज़्यादा सिंपल। ऑफिस से लेकर पारिवारिक समारोह तक, यह हर जगह फिट बैठता है।
👨🦱 पुरुषों के लिए: सादगी में रॉयल फील
पुरुषों के ऊनी कुर्तों में अक्सर कश्मीरी कढ़ाई, नेहरू कॉलर, और डार्क टोन देखने को मिलते हैं। यह उन लोगों के लिए है जो बिना ज़्यादा बोले अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। सर्दियों की शादी हो या त्योहार—एक अच्छा ऊनी कुर्ता सेट हमेशा गेम चेंजर होता है।
🧣 स्टाइलिंग की बात—सीधा सच
सच बोलें तो, गलत स्टाइलिंग इस खूबसूरत परिधान का पूरा मज़ा खराब कर सकती है। भारी जैकेट या ज़रूरत से ज़्यादा एक्सेसरीज़ पहनकर इसका दम मत घोंटो। ऊनी कुर्ता खुद ही काफी है। बस एक शॉल, सादी जूती, और कॉन्फिडेंस—बस, काम खत्म।

🌍 सस्टेनेबल फैशन की ओर कदम
आज जब फास्ट फैशन धरती का दम घोंट रहा है, वहीं ऊनी कुर्ता सेट एक सस्टेनेबल विकल्प बनकर उभर रहा है। हाथ से बुना ऊन, लोकल कारीगर, और लंबे समय तक चलने वाला डिज़ाइन—यह सब मिलकर इसे सिर्फ फैशन नहीं, एक जिम्मेदारी बनाता है।
🔥 युवा पीढ़ी की पसंद क्यों बन रहा है?
Gen Z को दिखावा नहीं चाहिए, उन्हें असलियत चाहिए। और कढ़ाईदार ऊनी कुर्ता सेट में असलियत कूट-कूट कर भरी है। यह इंस्टाग्राम-फ्रेंडली भी है और दादी की अलमारी से निकला हुआ भी लगता है। यही तो इसका जादू है—पुराना होकर भी नया।
🪔 त्योहार, शादी और रोज़मर्रा
चाहे लोहड़ी हो, मकर संक्रांति, शादी का फंक्शन या बस ठंडी सुबह की सैर—यह परिधान हर मौके के लिए खुद को ढाल लेता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
✨ निष्कर्ष
कढ़ाईदार ऊनी कुर्ता सेट कोई ट्रेंड नहीं, यह एक विरासत है। यह हमें याद दिलाता है कि फैशन का मतलब सिर्फ नया पहनना नहीं, बल्कि पुराने को सम्मान देना भी है। सर्दियों की ठंड में जब ऊन शरीर को गर्म रखता है, तब कढ़ाई दिल को—और यही असली भारतीय elegance है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
देखिए सुष्मिता सेन...
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