राजस्थान में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, हिंदुस्तान जिंक ने 11 कंपनियों के साथ किए समझौते
- bySanjay
- 06 November, 2026

जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के खनखला में प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के विकास के लिए उद्योग जगत की कंपनियों के साथ 11 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य जिंक आधारित उत्पादों के निर्माण, इंजीनियरिंग और औद्योगिक सेवाओं से जुड़े कारोबार को एक ही औद्योगिक क्षेत्र में विकसित करना है।
यह समझौते 5 और 6 नवंबर 2026 को आयोजित ZnAL Confluence 2026 कार्यक्रम के दौरान जयपुर में किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पहल से राजस्थान में विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
10 कंपनियों के नाम भी आए सामने
प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें Gainwell Commosales Private Limited, Epiroc Mining India Private Limited, Sai Deepa Rock Drills, Shree Nakoda Infrasteel, Suryakiran Earthmovers, J.G. Chemicals, EPCM Service & Supply, Jasta Alloys, Jammu Pigments और Ampex Energies शामिल हैं।
इन कंपनियों ने पार्क में विनिर्माण, इंजीनियरिंग और संबंधित औद्योगिक सेवाओं से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इन समझौतों से प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
भीलवाड़ा के खनखला में विकसित होगा जिंक पार्क
हिंदुस्तान जिंक का प्रस्तावित औद्योगिक पार्क भीलवाड़ा जिले के खनखला में विकसित किया जाना है। इस परियोजना को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के सहयोग से आगे बढ़ाने की योजना है।
पार्क में उद्योगों के लिए विकसित औद्योगिक भूमि, कच्चे माल की उपलब्धता और तकनीकी सहयोग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा कंपनियों को हिंदुस्तान जिंक के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
इसका उद्देश्य केवल जिंक का उत्पादन करना नहीं, बल्कि उससे बनने वाले विभिन्न उत्पादों के निर्माण और उनकी घरेलू एवं औद्योगिक मांग को बढ़ावा देना भी है।
इन क्षेत्रों में स्थापित हो सकती हैं औद्योगिक इकाइयां
प्रस्तावित जिंक पार्क में कई तरह के उद्योगों को आकर्षित करने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
जिंक गैल्वनाइजिंग उद्योग।
जिंक डाई-कास्टिंग उत्पाद।
जिंक एलॉय यानी मिश्रधातु निर्माण।
जिंक ऑक्साइड उत्पादन।
जिंक वायर निर्माण।
आधुनिक जिंक आधारित औद्योगिक उत्पाद।
इन क्षेत्रों में नई इकाइयां स्थापित होने से राजस्थान में औद्योगिक उत्पादन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिल सकता है।
MSME कारोबारियों को भी मिलेगा अवसर
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता छोटे और मध्यम उद्योगों को इसमें शामिल करने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस औद्योगिक पार्क में MSME और उद्यमियों के लिए शुरुआती निवेश के अवसर लगभग 5 करोड़ रुपये से शुरू हो सकते हैं।
कंपनी की ओर से कच्चे माल की उपलब्धता, तकनीकी सहायता और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जुड़ा सहयोग देने की योजना है। इससे उन कारोबारियों को भी अवसर मिल सकता है, जो जिंक आधारित उत्पादों के निर्माण और औद्योगिक सप्लाई से जुड़े व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
हिंदुस्तान जिंक के CEO ने क्या कहा?
हिंदुस्तान जिंक के CEO एवं होल टाइम डायरेक्टर अमरेंदु प्रकाश के अनुसार, जिंक पार्क कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारत में जिंक आधारित उद्योगों का मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक नेटवर्क विकसित करना है।
उन्होंने उद्योग जगत की कंपनियों की भागीदारी को इस पहल के लिए महत्वपूर्ण बताया। कंपनी का लक्ष्य MSME विकास, स्थानीय रोजगार और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है।
2024 में हुई थी जिंक पार्क की घोषणा
इस औद्योगिक पार्क की घोषणा दिसंबर 2024 में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान की गई थी। उस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की मौजूदगी में इस परियोजना की योजना सामने रखी गई थी।
अब 11 नए समझौता ज्ञापनों के साथ इस प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि, अभी कुल निवेश राशि, उत्पादन क्षमता और निर्माण पूरा होने की निश्चित समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
राजस्थान के उद्योग जगत के लिए क्या होंगे मायने?
भीलवाड़ा में प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। यदि योजना के अनुसार कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित करती हैं, तो विनिर्माण, तकनीकी सेवाओं, परिवहन, सप्लाई चेन और सहायक उद्योगों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इससे भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में कारोबारियों, उद्यमियों तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना है। अब इस परियोजना की अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया निवेशकों की भागीदारी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी।
संपादकीय तथ्य-जांच: 11 समझौते हुए हैं, 11 अलग-अलग पार्क नहीं बन रहे हैं। यह एक प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क है। कुल निवेश और रोजगार के निश्चित आंकड़े अभी घोषित नहीं हुए हैं
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
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