खेजड़ी भूख हड़ताल गंभीर मोड़ पर: 17 प्रदर्शनकारी बीमार, बाड़मेर/जयपुर में 75 बेड का अस्थायी अस्पताल स्थापित
- bykrish rathore
- 05 February, 2026
राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण को लेकर चल रही भूख हड़ताल अब एक गंभीर और संवेदनशील चरण में प्रवेश कर चुकी है। बाड़मेर/जयपुर में जारी इस आंदोलन के दौरान अब तक 450 में से 17 प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है, जिसके बाद प्रशासन को धरना स्थल पर आपात चिकित्सा व्यवस्था करनी पड़ी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धरना स्थल पर 75 बेड का एक अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है। इस अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बीमार पड़े प्रदर्शनकारियों में कमजोरी, चक्कर आना, निर्जलीकरण और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लगातार स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जिन प्रदर्शनकारियों की हालत नाजुक है, उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को नजदीकी सरकारी अस्पतालों में रेफर करने के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। अस्थायी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आईवी फ्लूड और जरूरी दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
खेजड़ी भूख हड़ताल का उद्देश्य राजस्थान के पारंपरिक और पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण खेजड़ी वृक्षों को कटाई से बचाना है। प्रदर्शनकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि खेजड़ी पेड़ों के संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाई जाए और विकास परियोजनाओं के नाम पर हो रही कटाई को तुरंत रोका जाए। खेजड़ी वृक्ष न केवल रेगिस्तानी इलाकों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और आस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
आंदोलन से जुड़े संतों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो जाने से आंदोलन और भी संवेदनशील हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की अपील की है।
इस बीच, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती हालत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द से जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जैसे-जैसे भूख हड़ताल आगे बढ़ रही है, स्थिति और गंभीर होती जा रही है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच संवाद स्थापित होता है या स्वास्थ्य संकट और गहराता है। फिलहाल, धरना स्थल पर सभी की नजरें प्रदर्शनकारियों की सेहत और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
40 के बाद शर्ट से बा...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.









