जयपुर में NEET-PG 2026 री-एग्जाम सफल, 2,445 प्रभावित उम्मीदवारों ने दोबारा दी परीक्षा
- bypari rathore
- 06 September, 2026
जयपुर में NEET-PG 2026 का री-एग्जाम सफलतापूर्वक आयोजित, 2,445 उम्मीदवारों ने फिर दी परीक्षा
जयपुर: NEET-PG 2026 की परीक्षा के दौरान तकनीकी और बिजली आपूर्ति की समस्या से प्रभावित हुए जयपुर के उम्मीदवारों के लिए आखिरकार दोबारा परीक्षा आयोजित कर दी गई। 5 सितंबर 2026 को जयपुर के iON Digital Zone iDZ Sitapura केंद्रों पर प्रभावित उम्मीदवारों का री-एग्जाम कराया गया। इस री-एग्जाम में करीब 2,445 मेडिकल उम्मीदवार शामिल हुए, जिनकी 30 अगस्त को हुई मूल परीक्षा तकनीकी व्यवधान के कारण पूरी नहीं हो सकी थी।
30 अगस्त को परीक्षा के दौरान बिगड़ी थी व्यवस्था
NEET-PG 2026 की मुख्य परीक्षा 30 अगस्त 2026 को देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान जयपुर के Sitapura स्थित iON Digital Zone के दो परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या सामने आई।
इन केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दौरान बिजली और तकनीकी व्यवधान के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपना पेपर निर्धारित तरीके से पूरा नहीं कर पाए। NBEMS के मुताबिक प्रभावित केंद्रों के टेस्ट सेंटर नंबर 41682 और 41683 थे।
समस्या इतनी गंभीर थी कि इन केंद्रों पर परीक्षा पूरी नहीं कराई जा सकी। इसके बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया।
2,445 उम्मीदवारों के लिए अलग से हुआ री-एग्जाम
NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 को री-एग्जाम निर्धारित किया था। परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की गई। यह री-एग्जाम सभी NEET-PG उम्मीदवारों के लिए नहीं था, बल्कि केवल जयपुर के उन उम्मीदवारों के लिए था जो 30 अगस्त की परीक्षा में तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हुए थे।
इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि तकनीकी समस्या के कारण किसी उम्मीदवार को NEET-PG की मेरिट और आगे की मेडिकल पीजी एडमिशन प्रक्रिया में नुकसान न हो।
देशभर में 2.65 लाख से ज्यादा उम्मीदवार हुए थे शामिल
NEET-PG 2026 की मूल परीक्षा देशभर में बड़े स्तर पर आयोजित हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार करीब 2,65,980 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जबकि परीक्षा का आयोजन 1,111 केंद्रों पर किया गया था। अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा सामान्य रूप से पूरी हुई, लेकिन जयपुर के दो केंद्रों पर आई तकनीकी समस्या के कारण 2,445 उम्मीदवारों के लिए अलग री-एग्जाम की जरूरत पड़ी।
NBEMS ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच समिति
जयपुर में परीक्षा बाधित होने के बाद NBEMS ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति का उद्देश्य परीक्षा केंद्र पर हुई बिजली/तकनीकी समस्या और परीक्षा संचालन में आई बाधा के कारणों की जांच करना था।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TCS iON ने केंद्र पर हुई समस्या को आंतरिक/स्थानीय विद्युत समस्या से जोड़ा था।
पेपर लीक की अफवाहों पर भी आया स्पष्टीकरण
परीक्षा में व्यवधान के बाद सोशल मीडिया पर NEET-PG पेपर लीक से जुड़ी चर्चाएं भी सामने आईं। हालांकि, PIB Fact Check ने जयपुर में पेपर लीक से संबंधित दावों को भ्रामक बताया। यानी परीक्षा में आई तकनीकी समस्या को पेपर लीक के तौर पर पेश करना सही नहीं माना गया।
NBEMS ने परीक्षा से जुड़े रिकॉल या मेमोरी-बेस्ड प्रश्नों को शेयर या प्रसारित नहीं करने को लेकर भी उम्मीदवारों, फैकल्टी और कोचिंग संस्थानों को चेतावनी दी थी।
री-एग्जाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
जयपुर के 2,445 उम्मीदवारों के लिए अलग री-एग्जाम कराने के फैसले को लेकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंची। याचिका में री-एग्जाम कराने के फैसले को चुनौती देते हुए तर्क दिया गया कि इससे परीक्षा की समानता और पहले के न्यायिक निर्देशों से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। मामला NEET से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही पीठ के समक्ष ले जाने को कहा गया।
अब उम्मीदवारों की नजर NEET-PG रिजल्ट पर
री-एग्जाम पूरा होने के बाद अब प्रभावित उम्मीदवारों की नजर परिणाम और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया पर है। रिपोर्टों के अनुसार NEET-PG 2026 का रिजल्ट 30 सितंबर 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। उम्मीदवारों को रिजल्ट, मेरिट और काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी के लिए NBEMS की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी होगी।
उम्मीदवारों के लिए क्या मायने रखता है?
जयपुर री-एग्जाम का सबसे बड़ा उद्देश्य तकनीकी कारणों से प्रभावित उम्मीदवारों को बराबरी का अवसर देना है। NEET-PG जैसी राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कुछ मिनट का तकनीकी व्यवधान भी उम्मीदवार के प्रदर्शन और भविष्य की सीट आवंटन प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।
ऐसे में प्रभावित सभी उम्मीदवारों के लिए अलग परीक्षा आयोजित करना परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
जयपुर के Sitapura स्थित दो NEET-PG परीक्षा केंद्रों पर 30 अगस्त को हुई बिजली और तकनीकी समस्या के बाद 2,445 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को री-एग्जाम आयोजित किया गया। NBEMS ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी बनाई थी। अब उम्मीदवारों को NEET-PG 2026 के रिजल्ट और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार है।

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