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“शादी नहीं करने का यही अंजाम है…” — आशिक ने कनपटी में गोली मार दी, दौड़ती जिंदगी थम गई

“शादी नहीं करने का यही अंजाम है…” — आशिक ने कनपटी में गोली मार दी, दौड़ती जिंदगी थम गई

बॉडी टेक्स्ट शेयर करने से पहले सच बोलता हूँ — जो मैं बता रहा हूँ वो फिल्मी नहीं है, असल ज़िंदगी का कट‑कटाता सच है।
घटना जैसी भी थी, देश के अलर्ट सिस्टम में रिकार्ड हो चुकी है। 

🔴 घटना — जो हुआ वही

गुरुवार की सुबह थी, जैसे हर दिन की फरमाइशें चल रही थीं, वैसे ही नवगछिया के पास हरियो गांव की ओर से आने वाली सड़क पर एक महिला पैदल निकली।
तभी पीछे से आया उसका पुराना जानने वाला — वो आशिक — अचानक रुक गया। बात इतनी बढ़ी कि उसने कमर से पिस्तौल निकाली और महिला की कनपटी पर ताबड़तोड़ गोली दाग दी
गोली लगते ही महिला वहीं गिर पड़ी, दर्द की चीख और खून का निशान हवा में फैल गया। 

💥 आशिक की भयावह टिप्पणी

जैसे ही उसने गोली चलायी, ठंडी आवाज़ में बोला:
👉 “शादी नहीं करने का यही अंजाम है।”

ये शब्द गूंजे भी और दब गए भी — वहां खड़ी भीड़ हुई सन्न, कुछ कान पकड़कर भागे, कुछ चिल्ला‑चिल्ला कर पुलिस को फोन किया। 

🚓 पुलिस की प्रतिक्रिया

नवगछिया SP प्रेरणा कुमार और उनकी टीम ने फौरन फ़र्ज़ी में केस दर्ज किया। 

घायल महिला को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, हालत नाजुक बताई जा रही है। 

आरोपी आशिक को पकड़ा गया है और पूछताछ चल रही है कि क्या ये एकतरफा प्यार का गुस्सा था या कुछ और मंशा छुपी हुई थी।

📌 घटना का समाज पर असर

यह सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं, यह समाज की एक तस्वीर है जहाँ प्यार, दबाव, परंपराएं और फैसले टकराते हैं।
ऐसी घटनाएँ अकेले बिहार तक सीमित नहीं हैं — उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे इलाकों से भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहाँ रिश्तों के विवाद ने मौत की राह चुनी। 

🔥 क्या ये अकेली वाकया है?

दुनिया में ऐसी घटनाएँ दुर्लभ नहीं हैं:

यूपी में एक 20‑year‑old को हत्या तक पहुँच गयी जब शादी के दबाव पर रास्ता नहीं निकला।

झारखंड में एक आशिक ने पहले प्रेमिका को गोली मारी और फिर आत्महत्या कर ली।

ये सब प्यार के नाम पर नियंत्रण, दबाव और असमंजस की भयावह कवायद की गवाही देते हैं।

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🧠 मनोवैज्ञानिक पहलू

जो लोग रिश्तों को अपनी इज्ज़त, नियंत्रण और ताक़त से जोड़ देते हैं, वे अक्सर इस तरह अपराधी मानसिकता की ओर फिसल जाते हैं। प्यार और शादी वही नहीं है जो दबाव से बनती है, बल्कि वो रिश्ता होता है जो दोनों की इज़ाज़त से खड़ा होता है।

📣 सामाजिक संदेश

ये कोई मनोरंजक हेडलाइन नहीं, ये असली ज़िंदगी के इंसानों की कहानी है।
जब प्यार का मतलब समझदारी, इज़ाज़त, और सम्मान हो — तभी रिश्तों में सुकून आता है।
वरना यही दर्द, यही खून, यही खामोशी… इतनी छोटी सी बात से जिंदगी बदल जाती है।

 


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